चौथे माहे रमज़ान की दुआ

अये मअबूद मुझे इस महीने मे तेरे अम्र के क़याम के लिए ताक़त अता कर और अपनी याद और ज़िक्र की हलावत मुझे चखा दे और अपने शुक्र की अदाएगी को मुझे इल्हाम फरमा अये बसारत वालो मे सबसे बड़े साहेबे बसारत 

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