राष्ट्रीय सुरक्षा की उच्च परिषद के सचिव को इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का जवाब

  • राष्ट्रीय सुरक्षा की उच्च परिषद के सचिव को इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का जवाब
वरिष्ठ नेता ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की उच्च परिषद के सचिव की ओर से हालिया अशांति के प्रभावितों के बारे में पेश की गई रिपोर्ट के संबन्ध में कुछ प्रस्ताव पेश किये हैं।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की उच्च परिषद के सचिव अली शमख़ानी की ओर से पेश की गई रिपोर्ट के जवाब में कहा है कि काम को तेज़ी अंजाम दिया जाए और संदिग्ध लोगों के साथ, चाहे वे किसी भी गुट के हों, इस्लामी शिक्षाओं के अनुरूप व्यवहार किया जाए।
यह वह रिपोर्ट है जिसे देश में हालिया अशांति के बाद वरिष्ठ नेता की ओर से जारी आदेश के बाद तैयार किया गया है जिसमें इस अशांति में लिप्त तत्वों की जानकारी और अशांति के कारणों को पहचानने की बात कही गई थी साथ ही इन घटनाओं में अपनी जान देने वालों और उनके परिवार वालों के बारे में भी आदेश दिया गया था।
इस रिपोर्ट में प्रस्ताव दिया गया है कि क़ानून के परिप्रेक्ष्य में वे आम नागरिक, जिनका हालिया अशांति में कोई हाथ नहीं था और जो झड़पों में मारे गए उनको शहीद माना जाए और उनके परिजनों को शहीद फाउन्डेशन के अन्तर्गत लाया जाए।  इसी प्रकार यह भी प्रस्ताव दिया गया है कि वे निर्दोष लोग जो अशांति के दौरान मारे गए उनको मोआवेज़ा दिया जाए।  इसी के साथ वे लोग जो सुरक्षा बलों के साथ सशस्त्र संघर्ष में मारे गए हैं उसकी जांच-पड़ताल के बाद  उनके परिवार के सदस्यों को उनके अपराध से अलग समझा जाए।  इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने उन लोगों के बारे में, जो संदिग्ध पाए गए हैं, कहा है कि उनके परिवार वालों के साथ इस्लामी शिक्षाओं के अनुरूप ही व्यवहार किया जाए।
ज्ञात रहे कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के आदेश के दृष्टिगत हालिया अशांति के दौरान मारे जाने वालों और घायलों के बारे में प्रांतों के स्तर पर कार्यवाही और जांच आरंभ हो चुकी है।

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