मौलाना मुअज़्ज़िम ज़ैदी की रिहाई के लिए मदद की गुज़ारिश

 अमेरिका में रहने वाले मौलाना मुज़म्मिल ज़ैदी जिन्हें यमन के मज़लूम लोगों के लिए रहबरे मोअज़्ज़म हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनेई और आयतुल्लाह सिस्तानी व आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी की तरफ़ से ख़ुम्स जमा करने पर अमरीकी पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। ख़ुम्स देना हमारा दीनी फ़रीज़ा है, मौलाना मुज़म्मिल को इस तरह गिरफ़्तार करना हमारे दीनी फ़राएज़ पर एक हमला है।


मौलाना मुज़म्मिल ज़ैदी एक आलिम ए बा-अमल हैं, जो यमन में सऊदी-अमरीका की तरफ़ से की गई मुसल्लत जंग से अवाम को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में मौलाना मुज़म्मिल यमनी लोगों की मदद कर अपना दीनी और इंसानी फ़रीज़ा अदा कर रहे थे जिसकी वजह से उन्हें अमरीकी पुलिस ने गिरफ़्तार करके क़ैद कर लिया है। उनपर हुए इस ज़ुल्म की हम पुर ज़ोर मज़म्मत करते है। 


मुहर्रम के इन दिनों में जहां हमारे इमाम हुसैन (अ) ज़ुल्म के ख़िलाफ़ खड़े हुए और अपनी जान दे दी, हमें शेख उसामा की इस बात को याद रखना होगा कि 'तारीख़ में सहीह गिरोह' चुनना चाहिए। 


आएं हम ख़ुद से वादा करें कि अपने उलमा, हौज़े के तुल्लाब और हमारी दीन पर हो रहे इन हमलों को नज़र अंदाज़ नहीं करेंगें, इसके ख़िलाफ़ सख़्त सदा ए एहतजाज बुलंद करेंगे और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ इस लड़ाई का हिस्सा बनेंगे। 


अदालत ने मौलाना मुज़म्मिल की ज़मानत की रखम 70 लाख डॉलर रखी है, आप लोग में जो भी उनकी मदद की गुज़ारिश है 


3 Comments

  1. Hum America ki is dahshatgardi ki kathor shabdon me ninda karte hain

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  2. Hum America ki is dahshatgardi ki kathor shabdon me ninda karte hain

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