क्या बायदन ट्रम्प को उनकी हरकतो से रोक पायंगे, क्या ट्रम्प ईरान पे हमला कर पाएगा

क्या बायदन ट्रम्प को उनकी हरकतो से रोक पायंगे, क्या ट्रम्प ईरान पे हमला कर पाएगा,


पिछले सप्ताह के कैपिटल हिल में विद्रोह के बाद, अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प को व्हाइट हाउस से बाहर निकालने का प्रयास फिर से शुरू हो गया है।अब देखना है की आगे क्या होता है?



अमरीका में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़कने के ख़तरे के अलावा, 20 जनवरी को निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथ समारोह से पहले, ट्रम्प को पद से हटाने का एक अन्य मुख्य कारण अंतिम समय में ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने की संभावना है।

जिससे दुन्या मे अफरा तफरी मची हुई है 

यह विचार दूर की कौड़ी नहीं है। क्योंकि ट्रम्प प्रशासन में माइक पोम्पियो जैसे ईरान के कड़े दुश्मन मौजूद हैं, जो किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। ट्रम्प ख़ुद भी सार्वजनिक रूप से ईरान पर हमला करने के विचार के साथ खिलवाड़ करते रहे हैं। चुनाव हारने के बाद, उन्होंने कथित तौर पर ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करने के विकल्पों के बारे में पूछा था ताकि वो अलग कलेक्शन को डिस्टर्ब कर दे 

नवम्बर से अमरीकी बमवर्षक बी-52 चार बार ईरानी तट के निकट उड़ान भर चुके हैं। ट्रम्प ने विमान वाहक युद्धपोत यूएसएस निमिट्ज़ को फ़ार्स खाड़ी की ओर वापस लौटा दिया, जिसे कार्यवाहक रक्षा मंत्री क्रिस मिलर ने चार दिन पहले ही घर वापसी का आदेश दिया था।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि अपने बचे हुए एक हफ़्ते के शासनकाल में आवश्यक रूप से ट्रम्प ईरान पर हमला करने का आदेश दे सकते हैं, लेकिन क्रांग्रेस की स्पीकर नेन्सी पेलोसी के ट्रम्प को सत्ता से हटाने के गंभीर प्रयासों ने किसी भी अनहोनी की संभावना को बढ़ा दिया है। वह चाहती हैं कि अगर अंतिम क्षणों में ट्रम्प अमरीकी हितों की बलि चढ़ाने चाहते हैं तो उसकी किसी भी संभावना को समाप्त कर दिया जाए।

दूसरी ओर, ईरान भी हर संभावित ख़तरे से निपटने के लिए तैयार है। 7 जनवरी को वाशिंगटन में संसद की इमारत पर ट्रम्प के समर्थकों के हमले के अगले दिन ईरान ने बड़े पैमाने पर नौसैनिक अभ्यास का आयोजन किया, जिसमें 700 से ज़्यादा नौकाओं ने भाग लिया। उसके बाद एक बड़े युद्ध अभ्यास का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों ड्रोन विमानों ने भाग लिया।

31 दिसम्बर को ईरानी विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने ट्वीट करके चेतावनी दी थी कि ईरान, युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन अगर उस पर हमला हुआ तो वह भरपूर तरीक़े से उसका जवाब देगा।

यहां यह सवाल है कि 20 जनवरी को सत्ता संभालने वाले बाइडन, ट्रम्प के किसी भी संभावित आत्मघाती हमले या युद्ध को रोकने के लिए किया कर सकते हैं?

यहां इसका जवाब यही है कि बाइडन और उनकी टीम, क़ानून की ज़ंजीरों में बंधी हुई है और वह सत्ता संभालने तक ईरान या किसी अन्य विदेशी सरकार के साथ आधिकारिक रूप से वार्ता नहीं कर सकती।

ईरान के साथ युद्ध को रोकने की गारंटी, जितनी जल्द संभव हो सके ट्रम्प को व्हाइट हाउस से बाहर निकालना है। अब देखना यह है कि अमरीकी कांग्रेस, अपने इस प्रयास में किस हद तक सफल हो सकते हैं

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