एक हिंदुस्तानी पंडित की और मोला अली की मुलाक़ात, और बहुत लाब्दायक नुस्खे

एक हिंदुस्तानी पंडित की और मोला अली की मुलाक़ात, और बहुत लाब्दायक नुस्खे



 बार इमाम हज़रत अली (अ.स.) से मिलने कूफ़ा की मस्जिद में एक हिंदू वैद्य आया

सब के सामने उसने कहा कि मैं आपको आयुर्वेद की ख़ासियत बताता हूँ और उसने कुछ ख़ासियत  बतायीं 

इमाम ने उसके इल्म की तारीफ़ की फिर जब वो चुप हुआ तो पूछा की आप भी कुछ ज्ञान की दीक्षा दें 

इमाम ने फ़रमाया की ऐ पण्डित इन कुछ बातों का ध्यान रखना : 


- किसी को बहुत मछली नहीं खानी चाहिए यह जिल्द और गोश्त को ख़राब कर देती है

- गरमी में अखरोट नहीं खाना चाहिए 

- अपने बालों को साफ़ रखने के लिए नींबू का इस्तेमाल करना चाहिए 

-चुकंदर का रस सबसे अच्छी दवा है 

-ज़ैतून का इस्तेमाल करने से चेहरे पर उम्र का असर नहीं दिखता है 

- ऐ ब्राह्मण , आटा के चोकर को रगड़ने से जिस्म की मर चुकी जिल्द निकल जाती है 

-जवानो को गोश्त और दूध का ख़ूब इस्तेमाल करना चाहिए 

-अगर काम कर कि थकान ज़्यादा होती है तो बनफ़शा का इस्तेमाल करना चाहिए 

- गाये का दूध दवा है 

- शक्कर (शुगर) के मरीज़ को बकरी के दूध का एस्तेमाल करना चाहिए 

- जो १२ मुनक्का रोज़ खाएगा उसे गाँठ (कैन्सर ) कभी नहीं होगा 

- ऐ ब्राह्मण ,अपने लोगों को बता देना की ज़्यादा मसाला खाना उनकी उम्र कम कर देगा. 

- हरी धनिया का ज़्यादा इस्तेमाल से याददाश्त कमज़ोर हो जाती है 

- किशमिश के इस्तेमाल से पेट के रोग ,बलग़म,दिमाग़ी बीमारी दूर होती है और रूह पाक होती है

- अनार जन्नत का फल है और दुनिया कि हर अनार में एक दाना जन्नत का होता है इसलिए एक पूरा अनार खाना चाहिए 

- शहद सबसे अच्छी दवा

- बनफशा का तेल सर में लगाना चाहिए यह गरमी में ठंडक और सर्दी में गरमी देता है 

- जो शख़्स ज़ैतून का तेल सर में लगाता है या खाने में इस्तेमाल करता है तो ४० दिन तक गन्दी बीमारियाँ उसके पास नहीं आती

- क़ीमा खाना गोश्त खाने का सब से बेहतर तरीक़ा है 

- खाना बहुत गरम या बहुत ठंडा नहीं खाना चाहिए 

स्रोत:

शर्ह तिब अल अलविया- मौला नवरोज़ अली अल बसतमी

और 

अल महमूदिया - अल्हाज काज़िम अल मूसवी अल ज़ंजनी ( वफात: १२९२ ईसवी) यह हाथ की लिखी हुयी किताब आज भी ज़ंजनी फ़ैमिली के पास मौजूद है )

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