अमेरिका ईरान के आगे झुकेगा,और शर्तो को भी मानेगा

अमेरिका ईरान के आगे झुकेगा,और शर्तो को भी मानेगा










अमरीका की बाइडन सरकार की समझ में आ गया है कि ईरान झुकने वाला नहीं है और परमाणु समझौते से पूरी तरह निकल जाने की उसकी धमकी गंभीर है।
इसीलिए वाशिंग्टन ने अपने यूरोपीय घटकों को इशारा दे दिया कि ब्रसेल्ज़ में ईरानी वार्ताकारों के साथ अनौपचारिक बैठक कर लें। यह ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों से अमरीका के पीछे हटने और किसी तरह अपनी इज़्ज़त बचाने की कोशिश है।
अमरीकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने तीन यूरोपीय देशों ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी को सूचना दे दी कि वाशिंग्टन सरकार ईरान के साथ वार्ता की मेज़ पर बैठने के लिए तैयार है। यही नहीं अमरीकी सरकार ने आगे बढ़कर राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद से कहा है कि ईरान पर लगे प्रतिबंधों की समय सीमा में विस्तार न करने का वह विरोध नहीं करेगी। अमरीकी सरकार ने ईरानी कूटनयिकों की यात्रा पर लगी रोक में भी ढील दे दी है।
यह बात साफ़ तौर पर कही जा सकती है कि अमरीका की नई सरकार ने ईरान की शर्तों के सामने झुकने के लिए अपनी तत्परता का इशारा दे दिया है। यानी वह ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाने के लिए तैयार हो गई है क्योंकि उसे यक़ीन हो चला है कि अगर ईरान की शर्तं न मानी गई तो ईरान परमाणु समझौते से निकल जाएगा और शायद उस रास्ते पर चल निकले जिस रास्ते पर उत्तरी कोरिया चला है।
हमें जो जानकारियां मिली हैं उनके अनुसार तो ईरान अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को अपने प्रतिष्ठानों के निरीक्षण से पूरी तरह रोकने की तैयारी कर चुका है। अगर अमरीका ने प्रतिबंधों को समाप्त न किया तो सोमवार से पर्यवेक्षकों को ईरान के प्रतिष्ठानों में जाने की अनुमति नहीं रहेगी।
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