चीन पर चारो तरफ से कस रहा है शिकंजा, अमेरिका और चीन मे बढ़ सकता है तनाव,

  चीन पर चारो तरफ से कस रहा है शिकंजा, अमेरिका और चीन मे बढ़ सकता है तनाव,


चीन से बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने प्रशांत महासागर और चीन सागर को अटैक और इंटरसेप्टर मिसाइलों से लैस करने की तैयारियां शुरू कर दी है। अमेरिकी नौसेना ने युद्धाभ्यास के जरिए पहले जापान और अब ऑस्ट्रेलिया में पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को तैनात कर दिया है। यहां से ये मिसाइल सिस्टम चीनी नौसेना और वायुसेना की हर गतिविधियों पर पैनी निगाह रखेंगे

    

वॉशिंगटन


चीन की बढ़ती आक्रामकता को काउंटर करने के लिए अमेरिका ने प्रशांत महासागर को मिसाइलों की तैनाती शुरू कर दी है। दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना बना चुका चीन अब प्रशांत महासागर और आसपास के इलाकों में तेजी से नौसैनिक गतिविधियों को बढ़ा रहा है। इसी की काट खोजने के लिए अमेरिका ने एयर डिफेंस और अटैक मिसाइलों की एक पूरी सीरीज को चीन के चारों ओर तैनात कर दिया है। इतना ही नहीं, अमेरिकी नौसेना ने Talisman Saber 2021 युद्धाभ्यास के लिए ऑस्ट्रेलिया में पैट्रियट मिसाइल डिफेंस लॉन्चर की भी तैनाती की


जो बाइडन और शी जिनपिंग (बीच में- पैट्रियट सिस्टम)

ऑस्ट्रेलिया में जुटे छह देशों के 17000 सैनिक

बुधवार से शुरू हुए Talisman Saber 2021 युद्धाभ्यास में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन के करीब 17,000 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड के शोलवाटर बे ट्रेनिंग एरिया में आयोजित इस युद्धाभ्यास में हवा से जमीन पर पैट्रियल मिसाइल बैटरी को गिराया गया। इस युद्धाभ्यास में अमेरिका ने जल्द से जल्द एयर डिफेंस मिसाइल को नई जगह पर तैनात करने का अभ्यास किया।


जापान में भी तैनात की एयर डिफेंस मिसाइल

इसके अलावा 24 जून से 9 जुलाई तक हुए ओरिएंट शील्ड एक्सरसाइज के दौरान अमेरिकी सेना ने जापान के दक्षिणी द्वीप अमामी में एक पैट्रियट बैटरी को तैनात किया था। इसके अलावा उत्तरी द्वीप होक्काइडो में एक हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम भेजा गया। अमेरिकी सेना ने इस अभ्यास के जरिए एयर डिफेंस और अटैक मिसाइलों की त्वरित तैनाती और हमला करने की तैयारियों की जांच की थी।


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ऑस्ट्रेलिया में मिसाइल डिफेंस की ताकत आजमा रहा अमेरिका

अमेरिकी सेना के पहली बटालियन के कार्यकारी अधिकारी मेजर जोएल सुलिवन ने बताया कि 38वीं एयर डिफेंस आर्टिलरी ब्रिगेड के पैंसठ सैनिक Talisman Saber युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया में हैं। ये सैनिक पैट्रियट लॉन्चर, एक रडार, पावर प्लांट, कंट्रोल स्टेशन और ब्रिगेड और बटालियन कमांड पोस्ट की एक यूनिट का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में पैट्रियट बैटरी को फीनिक्स ड्रोन के जरिए हवा से जमीन पर गिराया गया था।


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कितनी खतरनाक है अमेरिका की पैट्रियट मिसाइल

अमेरिका की पैट्रियट एडवांस्ड कैपेबिलिटी - 3 (PAC-3) मिसाइस दुनिया की सबसे बेहतरीन डिफेंस सिस्टम में से एक है। यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम दुश्मन की बैलेस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और लड़ाकू जहाजों को पल भर में मार गिराने में सक्षम है। सभी मौसम में दागे जाने वाली इस मिसाइल का निर्माण लॉकहीड मॉर्टिन ने किया है।


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वर्तमान में इन देशों में तैनात है यह मिसाइल

पैट्रियट एडवांस्ड कैपेबिलिटी - 3 मिसाइल इस समय पूरे अमेरिका, जर्मनी, ग्रीस, इजरायल, जापान, कुवैत, नीदरलैंड, सऊदी अरब, कोरिया, पोलैंड, स्वीडन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, रोमानिया, स्पेन और ताइवान की सेना में शामिल है। 2003 के इराक युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को तैनात किया। कुवैत में तैनात इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने दुश्मनों की कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया था।


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7 लाख करोड़ रुपये की परमाणु मिसाइल खरीद रहा अमेरिका

चीन और रूस से बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका 100 बिलियन डॉलर (7259105000000 रुपये) का नया महाविनाशक हथियार खरीद रहा है। इस मिसाइल की ताकत जापान के हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से लगभग 20 गुना ज्यादा है। यह मिसाइल अमेरिका से लॉन्च होने के बाद चीन की राजधानी पेइचिंग को पल भर में बर्बाद करने की क्षमता रखता है। अत्याधुनिक तकनीकी से बनी गाइडेड सिस्टम के कारण 10000 किलोमीटर की यात्रा करने के बावजूद यह मिसाइल पिन पॉइंट एक्यूरेसी के साथ अपने टॉरगेट को हिट करने में सक्षम है। अमेरिकी वायुसेना ने इस मिसाइल की 600 यूनिट के लिए ऑर्डर देने का प्लान किया है।



रक्षा के लिए पहले भी परमाणु हमला कर सकता है अमेरिका

अमेरिकी परमाणु मिसाइलों का उद्देश्य केवल हमले का जवाब देना नहीं होता है। अमेरिका की परमाणु नीति में यह भी लिखा हुआ है कि अगर दुश्मन उनके ऊपर परमाणु हमला करने की तैयारी कर रहा है तो वह पहले भी इस विध्वंसक मिसाइल को दाग सकते हैं। यानी, अमेरिका परमाणु हमले को रोकने के लिए अपनी परमाणु मिसाइल को दागने के लिए स्वतंत्र है। बचाव के सिद्धांत के तहत अमेरिका के पास इस समय 3,800 से ज्यादा परमाणु बम और मिसाइलें हैं। दरअसल परमाणु मिसाइलों की ताकत को बताना भी हर देश की एक सोची समझी रणनीति होती है। अमेरिका का साफ सिद्धांत है कि अगर हमारे ऊपर परमाणु हमला होता है तो हम इतनी जबरदस्त जवाबी कार्रवाई करेंगे कि वैसा पहले कभी नहीं हुआ होगा।

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