आंध्र प्रदेश के गोदावरी नदी में आई भीषण बाढ़, 16 साल का रिकॉर्ड टूटा, ओडिशा के कई गांव डूबे*

*आंध्र प्रदेश के गोदावरी नदी में आई भीषण बाढ़, 16 साल का रिकॉर्ड टूटा, ओडिशा के कई गांव डूबे*

 गोदावरी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण आंध्र प्रदेश के छह जिलों में 20 लाख से अधिक लोगों का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।राजामहेंद्रवरम के समीप दोवालेस्वरम में सर आर्थर कॉटन बांध में जलस्तर शनिवार रात 25.60 लाख क्यूसेक के पार चला गया, अभी इसके और बढ़ने की आशंका है। इससे पहले बांध में अगस्त 2006 में जलस्तर इतना अधिक रहा था। गौरतलब है कि सात अगस्त 2006 को गोदावरी नदी में जलस्तर 28,50,664 क्यूसेक तक पहुंच गया था जबकि 16 अगस्त 1986 को जलस्तर 35.06 लाख क्यूसेक था। 628 गांव बाढ़ की चपेट में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, गोदावरी नदी के किनारे स्थित छह जिलों के 62 मंडलों के तहत आने वाले कम से कम 628 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण ‘लंका’ के नाम से मशहूर गांव विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से फिलहाल राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। 30 से 36 घंटे के भीतर 28 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता गोदावरी का जलस्तर वहीं, विशेष रूप से महाराष्ट्र और तेलंगाना में गोदावरी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश रुकने से रविवार से बाढ़ के घटने की उम्मीद जगी है। अधिकारियों ने यहां कहा कि पड़ोसी राज्य तेलंगाना के भद्राचलम में बाढ़ का स्तर शनिवार को दो फीट गिर गया, यह अच्छी खबर है, लेकिन सर आर्थर कॉटन बांध का जलस्तर अगले 30 से 36 घंटे के भीतर 28 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। आंध्र प्रदेश प्रशासन की ओर से 30 लाख क्यूसेक संभावित जलस्तर के हिसाब से तैयारियां की जा रही हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक बीआर अंबेडकर के अनुसार, अधिकारियों ने अब तक प्रभावित गांवों से 76,775 लोगों को निकाला है

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